Wednesday, November 7, 2018

एचडीएफसी बैंक ने जमा पर ब्याज दरों में 0.50% का इजाफा किया

एचडीएफसी बैंक ने जमा पर ब्याज दरों में 0.50% तक इजाफा किया है। एक करोड़ से कम के डिपॉजिट पर यह बढ़ोतरी मंगलवार से लागू हो चुकी है। बैंक ने 5 से 8 और 8 से 10 साल तक के जमा पर ब्याज दर 6% से बढ़ाकर 6.5% कर दी। उधर, बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोन पर ब्याज दरों में 0.10% तक बढ़ोतरी की है

एचडीएफसी बैंक तीन से 5 साल तक के डिपॉजिट पर अब 7.1 की बजाय 7.25% ब्याज देगा। एक साल की एफडी के लिए ब्याज दर 7.3% से बढ़ाकर 7.25% की गई है।

बैंक ऑफ बड़ौदा का लोन 0.10% महंगा हुआ
बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक साल के कर्ज पर ब्याज दर 8.65% तय की है। एक दिन के लिए यह दर 8.15%, एक महीने के लिए 8.20%, तीन महीने के लिए 8.30% और छह महीने के लिए 8.50% होगी। बैंक ने कहा है कि बेहतर रेटिंग वाले होम लोन ग्राहकों के लिए दरों में इजाफा नहीं किया गया है।

केंद्र सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) पर ब्याज दर 7.6% से बढ़ाकर 8% कर दी है। इससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए यह बढ़ोतरी की गई। नई दरें 1 अक्टूबर से लागू मानी जाएंगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है यह फंड : जीपीएफ की नई दर केंद्रीय कर्मियों, रेलवे और डि‍फेंस कर्मचारियों के लिए लागू होगी। जीपीएफ खाता सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है। उनके वेतन का एक तय हिस्सा हर महीने इस खाते में जमा होता है। रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को जीपीएफ खाते की रकम मिलती है। इस पर टैक्स नहीं लगता। पिछले महीने

बढ़ाई गई थीं छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी : सरकार ने पिछले महीने पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि जैसी छोटी बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरें 0.40% तक बढ़ाई थीं। इस बढ़ोतरी के बाद सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 8.5% और पीपीएफ पर 8% हो गई। बढ़ी हुई दरें 1 अक्टूबर से लागू हो चुकी हैं

पहले चरण में निवेशक 15 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के बीच बॉन्ड को सब्सक्राइब कर सकते हैं। हालांकि, ये बॉन्ड 23 अक्टूबर से जारी किए जाएंगे।

इन बॉन्ड्स को बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, चुनिंदा पोस्ट ऑफिस के अलावा स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से भी खरीदा जा सकेगा। इस बॉन्ड की परिपक्वता अवधि आठ साल की होगी। हालांकि, निवेशक पांचवे, छठवें या सातवें साल भी बॉन्ड को भुना सकते हैं।

बॉन्ड खरीदने के लिए निवेशक डिमांड ड्रॉफ्ट, चेक या ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा कैश पेमेंट की भी सुविधा मिलेगी लेकिन इस स्थिति में वे अधिकतम 20,000 रुपए की कीमत के ही बॉन्ड खरीद सकते हैं।

देश का कोई भी इंडिविजुअल, हिन्दू अनडिवाइडेड फैमिली, ट्रस्ट, यूनिवर्सिटीज और चैरिटेबल संस्थाएं इस बॉन्ड को खरीद सकती हैं। निवेशक कम से कम 1 ग्राम या उसके गुणक के रूप में बॉन्ड खरीद सकते हैं।

इंडिविजुअल 500 ग्राम और हिन्दू अनडिवाइडेड फैमिली एक साल के दौरान अधिकतम 4 किलोग्राम सोने की कीमत के बराबर तक का बॉन्ड खरीद सकते हैं। लेकिन संस्थाओं को 20 किलोग्राम तक की कीमत का बॉन्ड खरीदने की छूट है।

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